अध्यक्ष कैसे चुना जाता है?
राजस्थान नगर पालिका (चुनाव) नियम 1994, नियम 78
सबसे ज़रूरी बात: अध्यक्ष को जनता सीधे वोट देकर नहीं चुनती।
09 सितम्बर को आप सिर्फ़ अपने वार्ड का पार्षद चुनते हैं।
पूरी प्रक्रिया
- 09 सितम्बर 2026 — जनता 25 वार्डों के पार्षद चुनती है (सुबह 7 से शाम 6)
- 14 सितम्बर 2026 — मतगणना, पता चलता है कौन-कौन पार्षद बने
- 21 सितम्बर 2026 — जीते हुए पार्षद बैठक में अध्यक्ष चुनते हैं (सुबह 10 से दोपहर 2 बजे), गिनती उसी दिन
- 22 सितम्बर 2026 — उपाध्यक्ष का चुनाव
दो बातें जो ज़्यादातर लोगों को नहीं पता
1. अध्यक्ष बनने के लिए पार्षद होना ज़रूरी नहीं है। नियम 78(2) के अनुसार कोई भी व्यक्ति जो पार्षद बनने योग्य है और अयोग्य नहीं है, अध्यक्ष चुना जा सकता है — चाहे उसने वार्ड का चुनाव लड़ा ही न हो। वोट सिर्फ़ जीते हुए पार्षद डालते हैं।
2. कुछ लोग अध्यक्ष नहीं बन सकते। नियम 78(4) के अनुसार सांसद, विधायक, और पंचायती राज संस्थाओं के सदस्य या अध्यक्ष अध्यक्ष पद के लिए अयोग्य हैं।
इसका मतलब आपके वोट के लिए क्या है?
आपका एक वोट सीधे अध्यक्ष नहीं चुनता, लेकिन वही तय करता है कि आपके वार्ड से कौन पार्षद बनेगा — और वही पार्षद 21 सितम्बर को अध्यक्ष चुनेगा। इसलिए बोर्ड किस दल का बनेगा, यह 25 वार्डों के नतीजों से तय होता है।
आपकी राय: किसका बोर्ड बनेगा? अपना वार्ड चुनें